सिमली में चंडिका देवी मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर देवी के दर्शनों के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़।
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सिमली स्थित राजराजेश्वरी चंडिका देवी मंदिर के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान सुंदरगांव, सिमली, जाख, सेनू, गैरोली, पुडियाणी, राड़खी, मजियाड़ी, कर्णप्रयाग, डिम्मर गांवों से पहुंचे सैकड़ों भक्तों ने देवी की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि का वरदान मांगा। मंदिर के कपाट मकर संक्रांति पर 15 दिनों के लिए बंद हुए थे।
शुक्रवार को मंदिर के पुजारी कृष्णा गैरोला, प्रदीप गैरोला, कांति गैरोला ने मंत्रोच्चारण के साथ मां चंडिका देवी का प्रात: कालीन स्नान, अभिषेक और शृंगार पूजा की। इसके बाद सुबह नौ बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनों के लिए खोल दिए गए। इस दौरान सैकड़ों भक्तों ने देवी के जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा की। ममंद सिमली सहित देवी के दर्शनों को अन्य गांवों से आई महिलाओं भूदेवी डिमरी, ममता टकोला, आशा थपलियाल, दीपा सेमवाल, रचना देवी, गुड़डी देवी, रामेश्वरी देवी, आशा देवी, नंदा देवी, ममता देवी, सावित्री देवी, ऊषा देवी, अंजू देवी ने मंदिर में भजन-कीर्तन किए। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला, इंद्र नेगी, मालगुजार एडवोकेट बीरेंद्र लडोला, नगर पालिकाध्यक्ष दमयंती रतूड़ी, बलबीर लडोला, प्रेम बिष्ट, मंगल सिंह, संजय डिमरी, भास्करानंद डिमरी, गोपी डिमरी, प्रकाश सेमवाल, सुभाष चमोला, खुशाल सिंह, भगत सिंह, प्रदीप रावत और हर्षवर्द्धन लडोला मौजूद थे।