चमोली जिले में बृहस्पतिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश कई परिवारों पर कहर बनकर टूटी। अलकनंदा किनारे स्थित मैठाणा गांव में एक मकान और शौचालय नदी के कटाव से बाढ़ में समा गया, जबकि तीन मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। पोखरी के रोपा, सितोड़ा, तिलडोबा, सैकोट, मालधार और विजयनगर में ग्रामीणों की गोशालाएं, पैदल पुलिया और रास्ते बह गए हैं, जबकि कई हेक्टेयर कृषि भूमि भी बह गई है।
रात करीब नौ बजे से जिले में भारी बारिश शुरू हुई। मैठाणा गांव में सैकोट गदेरे में बोल्डर आने से गदेरे का रुख गांव की ओर हो गया, जिससे सतेंद्र लाल का मकान बाढ़ में समा गया। इसके अलावा रमेश लाल, मदन लाल, पूरण लाल के मकान भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। सैकोट गदेरे का अचानक जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीणों को अनहोनी का आभास हो गया था, जिससे वे पहले ही अपने घरों से जरूरी सामग्री लेकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। प्रभावित सतेंद्र लाल का कहना है कि रात नौ बजे वे खाना खा रहे थे, तभी अचानक अलकनंदा के उफान पर आने पर उन्होंने किसी तरह गांव के शीर्ष भाग की ओर भागकर अपनी जान बचाई। मैठाणा गांव में उदय सिंह रावत, खीम सिंह, आनंद सिंह, बचन सिंह, गोविंद सिंह, दिनेश राणा और लक्ष्मण सिंह के मकानों को भी नदी के कटाव से खतरा बना हुआ है। विजयनगर गांव में बुद्धि देवी का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। रोपा, सितोड़ा, तिलडोबा, सैकोट और मालधार गांव में कई गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन गांवों के पैदल रास्ते और पुलिया बह जाने से ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट बना हुआ है।