ज्यूड़ा गांव के पूर्व प्रधान विधायक को आपबीती बताते हुए हो गए थे बेहोश
रविवार को उपचार के दौरान गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। आपदा से ग्रस्त ज्यूड़ा गांव के पूर्व प्रधान रणजीत सिंह रौतेला का आपदा में मकान टूट गया। उनसे इसका सदमा लगा और हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई।
बीते 22 अगस्त की रात को अतिवृष्टि से ज्यूड़ा गांव में भूस्खलन की चपेट में आकर चार मकान जमींदोज हो गए थे। साथ ही कई मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची थी। आपदा में गांव के पूर्व प्रधान रणजीत सिंह का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ। तब से वे चिंताग्रस्त थे। नारायणबगड़ के ज्येष्ठ उपप्रमुख देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 26 अगस्त को विधायक भूपालराम टम्टा और ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने ज्यूड़ा गांव गए थे। इस दौरान चौपाल में आपबीती बताते हुए रणजीत सिंह अचानक बेहोश हो गए। विधायक टम्टा ने बिना समय गंवाए एम्बुलेंस की व्यवस्था की और परिजन रणजीत सिंह को देहरादून ले गए। जहां इलाज के दौरान रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। पूर्व प्रधान रणजीतसिंह के आकस्मिक निधन पर विधायक भूपालराम टम्टा, प्रमुख गणेश चंदोला, जिपंस प्रदीप बुटोला, पूर्व विधायक डाॅ. जीतराम, पूर्व जिपंस भारती रावत, पूर्व प्रमुख यशपाल नेगी समेत कई लोगों ने शोक जताया। ज्येष्ठ उपप्रमुख देवेंद्र रावत देवराज ने शासन/प्रशासन से आपदाग्रस्त परिवारों को उचित मुआवजा देने और पुनर्वास की मांग की।