स्कूल के बरामदे में आहट होते ही कक्षा से गुड मार्निंग सर, वेलकम इन अवर स्कूल के साथ स्वागत किसी मॉडल स्कूल से कम नहीं। स्काउट तालियों के साथ अभिनंदन करते छात्र-छात्राएं संस्कारित शिक्षा का भी उदाहरण पेश करते हैं।
बात हो रही कर्णप्रयाग ब्लाक के प्राइमरी स्कूल खगेली की। यहां कक्षा पांच तक के छात्र-छात्राएं अंग्रेजी में बात करते हैं और डाइनिंग टेबल पर मध्याह्न भोजन करते हैं।
ब्लाक मुख्यालय से 12 किमी दूर प्राइमरी स्कूल खगेली कक्षा पांच तक है। यहां कक्षा तीन से पांच तक की कक्षाएं हिंदी मीडियम में चल रही हैं। शिक्षा विभाग ने दो साल पहले ही कक्षा एक और दो को इंग्लिश मीडियम के रूम में संचालित किया है।
शिक्षण सत्र 2014-15 में तीन बच्चों में शुरू हुए इस पाठ्यक्रम में चालू सत्र में छह बच्चों ने प्रवेश लिया है। विद्यालय में तैनात शिक्षक चंद्रमोहन कुंवर बताते हैं कि गांवों से हर साल हो रहे पलायन की मार स्कूल पर भी पड़ रही है इसके बाद भी खगेली में 25 बच्चे पढ़ रहे हैं।
कक्षा एक और दो में नौ बच्चे हैं। स्वच्छता के साथ-साथ बच्चों के लिए स्कूल में पूरे फर्नीचर की व्यवस्था है। पांचवीं तक के बच्चों को अंग्रेजी सिखाई जा रही है इसी का परिणाम है कि यहां के बच्चे अंग्रेजी में बातचीत करते हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी नेगी ने बताया कि वर्ष 2012-13 से 14-15 तक स्कूल राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में अव्वल स्थान पर आ रहा है। पहली बार तृतीय, दूसरी बार प्रथम और तीसरी बार स्कूली छात्राएं अंत्याक्षरी की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहे।
शिक्षकों को देते हैं श्रेय
विद्यालय के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष किशोरी लाल विद्यालय के बेहतर प्रबंध का श्रेय शिक्षकों को देते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में बेहतर शिक्षण और शिक्षणेत्तर गतिविधियों के लिए शिक्षिका रजनी नेगी और शिक्षक चंद्रमोहन कुंवर अथक प्रयास करते हैं, जो सरकारी स्कूलों के लिए प्रेरणाप्रद है।