पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ ने 36 दिनों से चली आ रही हड़ताल वापस ले ली है। हड़ताल खत्म होने से लोगों को राहत मिलेगी और पर्वतीय क्षेत्रों की टैक्सियां फिर से सड़कों पर चलने लगेंगी।
कोविड जांच के बिना वाहन चलाने की अनुमति और सवारियों की संख्या को लेकर पर्वतीय टैक्सी-मैक्सी महासंघ चार मई से हड़ताल पर था। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन नवनी ने कहा कि शासन की ओर से सौ प्रतिशत सवारी और वाहन चालकों की बिना कोविड जांच के वाहन चलाने की मांग मान ली गई है। टैक्स और इंश्योरेंस की मांग के लिए वार्ता चल रही है और इसके लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, हड़ताल समाप्त होने के बाद देहरादून, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, नौटी, गैरसैंण, पोखरी, गौचर, देवाल, नारायणबगड़, थराली आदि मार्गों पर चलने वाले एक हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही से लोगों ने राहत मिलेगी। गोपी, दिनेश, बीरेंद्र ने कहा कि पिछले दिनों वाहनों की हड़ताल के कारण लोगों को बाजार आने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे।