कर्णप्रयाग। यात्रा में इस बार स्वयं सहायता समूह कैनोपी के माध्यम से पहाड़ी उत्पाद बेचेंगे। एनएआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) की ओर से यात्रा मार्गों के लिए छह नई कैनोपी मंगाई गई हैं जिनमें से चार कैनोपी चारधाम यात्रा मार्ग एवं पड़ाव पर पहाड़ी उत्पाद को बेचने के लिए लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त दो कैनोपी दूरस्थ गांवों में महिलाएं उत्पाद बेचने में प्रयोग करेंगी।
चारधाम यात्रा में आजीविका मिशन ने यात्रियों तक स्थानीय उत्पादों को पहुंचाने की तैयारी की है। इससे समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिकी भी बढ़ेगी। पिछले वर्ष कर्णप्रयाग में स्थित संस्कृति स्वायत्त सहकारिता समूह कंडारा ने 5.28 लाख और लंगासू में एकता स्वायत्त सहकारिता सोनला समूह ने 5 लाख का कारोबार किया था। ऐसे में इस वर्ष महिला समूहों को कैनाेपी लगने से और अधिक कारोबार की उम्मीद है। आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रबंधक प्रशांत सूरी ने बताया कि कैनोपी के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर मंडुवे, झंगोरे, चौलाई, दालें सहित पहाड़ी उत्पादों को बेचा जाएगा। खंड विकास अधिकारी विजय पुरोहित ने बताया कि पहाड़ी उत्पादों की ब्रिकी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर कैनोपी लगने से यात्री पहाड़ी उत्पादों का स्वाद चख पाएंगे। संवाद