मंगलवार को गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए पहले जत्थे की रवानगी के मौके पर रणसिंधा बजाते उत्साही तीर्थयात्री
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सुहावने मौसम के बीच मंगलवार को हेमकुंड साहिब के कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया का श्रीगणेश हुआ। हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में पंच प्यारों की अगुवाई में सुबह साढ़े दस बजे श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रधान सरदार जनक सिंह ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को दुपट्टा भेंट कर हेमकुंड साहिब धाम के लिए रवाना किया।
पहले जत्थे में 458 सिख तीर्थयात्री शामिल हैं। इसके बाद करीब चार हजार तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। मंगलवार शाम तक करीब पांच हजार तीर्थयात्री घांघरिया पहुंच चुके हैं। बुधवार तड़के सभी तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होंगे। इधर मंगलवार दोपहर दो बजे बाद गोविंदघाट पहुंचे करीब 1200 तीर्थयात्रियों को वहीं रोक लिया गया है। ये तीर्थयात्री बुधवार को हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्थान करेंगे।
गोविंदघाट गुरुद्वारे में मंगलवार को सुबह सात बजे से ही सबद कीर्तन शुरू हो गए थे। तीर्थयात्रियों को हेमकुंड की महिमा के बारे में बताया गया। ठीक साढ़े दस बजे श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रधान सरदार जनक सिंह ने सबसे पहले पंजाब के तीर्थयात्री कर्ण सिंह को दुपट्टा भेंट कर हेमकुंड साहिब के लिए रवाना किया।
इसके बाद हेमकुंड साहिब जाने के लिए तीर्थयात्रियों का रैला उमड़ पड़ा। गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यात्रा पर निकले सभी तीर्थयात्रियों से बारिश और बर्फबारी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि गोविंदघाट से दोपहर दो बजे बाद किसी भी तीर्थयात्री को हेमकुंड जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा मार्ग सुव्यवस्थित हैं। हेमकुंड साहिब में अब करीब दो फीट बर्फ ही रह गई है। हेमकुंड सरोवर में बर्फ पूरी तरह से पिघल गई है। इस मौके पर सेना के ब्रिगेडियर सरदार देवेंद्र सिंह, एसडीएम जोशीमठ शैलेंद्र नेगी भी मौजूद थे।