भविष्य बदरी में एक चट्टानी भाग पर हनुमान का मुख उभर कर आया है। ग्रामीण अब चट्टान के इर्द-गिर्द के क्षेत्र को हनुमान चट्टी के रूप में विकसित करने में जुट गए हैं।
वर्ष 2019 में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष ने सबसे पहले चट्टान पर यह आकृति उभरी हुई देखी। यह स्थान जोशीमठ से करीब नौ किमी की दूरी पर बड़गांव और ढाक गांव के मध्य है। मंदिर के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण भी किया, लेकिन चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अस्तित्व में आने से मंदिर समिति भंग हो गई और इस योजना पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित हनुमान चट्टी से बदरीनाथ धाम की दूरी दस किमी है। ठीक उसी प्रकार चट्टान पर दिखी हनुमान मुख आकृति भी भविष्य बदरी से दस किमी की दूरी पर है। पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल का कहना है कि फिलहाल शिला के इर्द-गिर्द समतलीकरण किया जा रहा है। यहां हनुमान मंदिर के साथ ही परिक्रमा स्थल और पुजारी आवास भी स्थापित किया जाएगा।