क्षेत्र पंचायत की बैठक में मनरेगा, सड़क, पेयजल और शिक्षा से संबधित समस्याओं को सदस्यों ने प्रमुुखता से उठाया। खासतौर पर मनरेगा में किए गए कार्यों का भुगतान न होने पर प्रधानों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए।
शनिवार को प्रमुख अंशी नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रधान संघ के अध्यक्ष एमएन चंदोला ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है लेकिन अभी तक 10 फीसदी कार्य योजनाओं पर भी काम नहीं हुआ। कहा कि जिन योजनाओं पर काम किया गया है, उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मनरेगा श्रमिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र पंचायत प्रमुख उर्मिला रावत ने लंबित समस्याओं के निराकरण न होने की बात कही। कौथरा के प्रधान ने कंडारा-सैंज-खैंतोली मोटर मार्ग का निर्माण शुरू न होने, अंगोथ के बचन सिंह ने मींग गदेरा-करचूड़ा मोटर मार्ग पर कछुवा गति से काम होने की बात सदन में उठाई। वहीं, गांवों में झूलते हुए तार और विद्युत लाइनों की मरम्मत का मामला भी सदस्यों ने उठाया। क्षेत्र पंचायत सदस्य सरिता नेगी जीआईसी कौब के निर्माणाधीन भवनों का कार्य जल्द पूरा करने, मनोड़ा, सनेड़, ज्यूड़ा और आली गांवों में पेयजल किल्लत की समस्या को भी सदस्यों द्वारा सदन में रखा गया।
बैठक में भाग लेते हुए विधायक डॉ. जीतराम आर्य ने अधिकारियों से समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार, प्रभारी एसडीएम केएस नेगी, मनबीर सिंह, महिपाल सिंह, रजनी देवी, ऊषा देवी, शकुंतला देवी, बिमला देवी आदि मौजूद थे। बैठक का संचालन खंड विकास अधिकारी टीआर शर्मा ने किया।