न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने मारपीट, अभद्रता सहित अन्य मामलों में दोषी व्यक्ति को एक साल के सश्रम कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि चार अक्तूबर 2016 को एक युवती ने उलंग्रा के महेशानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था कि महेशानंद ने उसकी मां के साथ अभद्रता और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
ग्रामीणों के बीच बचाव के बाद किसी तरह महिला को बचाया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से आरोपी जेल में ही है। मामले में बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी को सभी मामलों में दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और चार हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।