चमोली जिले में सरकारी राशन रखने के लिए बनाए गए खाद्यान्न भंडार के 13 भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहे हैं। बरसात के दौरान गोदाम में सीलन और पानी टपकने से सैकड़ों क्विंटल राशन खराब हो रहा है।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, जोशीमठ, घाट, गैरसैंण, मेहलचौंरी, नौटी में राशन के गोदाम के सरकारी भवन हैं जबकि सैंजी, आदिबदरी, नारायणबगड़, थराली व देवाल में किराये पर गोदाम संचालित किए जा रहे हैं। मगर पिछले आठ साल से सरकारी गोदामों के भवन जर्जर बने हैं। कर्णप्रयाग के खाद्यान्न गोदाम में नाली का पानी भर रहा है। कमरों की दीवारों पर सीलन है और चूहे राशन को बरबाद कर रहे हैं। इस गोदाम से 80 डीलर करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को चावल और गेहूं की आपूर्ति करते हैं। इधर अन्न भंडार चमोली में 60 और नंदप्रयाग में करीब 80 डीलर हैं जो उपभोक्ताओं को राशन आपूर्ति करते हैं। यहां भी जिन कमरों में राशन रखा है उनकी छतों की टिन उखड़ गई है और बारिश का पानी राशन पर गिर रहा है। वहीं गोपेश्वर के डीएसओ जसवंत सिंह का कहना है कि विभाग मुश्किल से राशन को सुरक्षित रखकर डीलरों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। शासन को गोदामों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है।