लंबे समय से थे जनरेटर खराब, आरओ के ठप होने से हो रही थी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। महिला बेस अस्पताल सिमली में लचर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की पहल शुरू हो गई है। यहां जनरेटर और आरओ ठीक कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर यह कदम उठाया है। अस्पताल में विगत माह से दो जनरेटर, आरओ और ऑक्सीजन प्लांट खराब थे जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी।
विभाग ने खराब पड़े दोनों जनरेटर और आरओ को सही कर दिया गया है। दो वर्ष से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ लगातार जुटे हुए हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य केंद्र में दो माह पूर्व तैनात रेडियोलॉजिस्ट मरीजों का अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं लेकिन प्रिंटर नहीं होने से उन्हें फोटोकॉपी नहीं मिल पा रही है। जनसंपर्क अधिकारी अमर लाल नथवाल ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए उच्चाधिकारी निरंतर पहल कर रहे हैं।
बेस अस्पताल के लिए शुरू पदयात्रा रुद्रप्रयाग पहुंची
सरकार पर स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति लापरवाही बरतने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली महिला बेस अस्पताल को पूर्ण बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करने की मांग के लिए सोमवार को गौचर से शुरू हुई पदयात्रा देर शाम रुद्रप्रयाग पहुंची। संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में गौचर क्षेत्र की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने सरकार पर स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों और शिक्षकों की तैनाती में विफल रही है। इससे सीमांत गांवों से ग्रामीणों का पलायन बदस्तूर जारी है। नगर पालिका गौचर के सभासदों ने सिमली में बेस अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज का शासनादेश जारी करने की मांग की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर को सीएचसी में बदलने की मुहिम चलाने को भी कहा। पदयात्रा में संघर्ष समिति के संरक्षक महेश चंद्र डिमरी, उपाध्यक्ष बीएन डिमरी, कोषाध्यक्ष एसपी बहुगुणा, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव रावत, बलवंत सिंह रावत सहित 50 से अधिक लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।