गैरसैंण। विकासखंड के पांडुवाखाल में गढ़-कुमौं प्रवेश द्वार बनाने की मांग उठी। लोगों का कहना है कि पांडुवाखाल से गढ़वाल और कुमाऊं की सीमा है। यहां से कुमाऊं और गढ़वाल के लिए पयर्टक गतिविधियां भी होती हैं। रंगचौंडा के प्रधान नेगी ने कहा कि पांडुवाखाल कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के मिलने का कस्बा है। यहां द्वार निर्माण से दोनों मंडलों में आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक, सामाजिक समरसता का प्रतीक भी होगा। संवाद