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गैरसैंण : छजगाड़ गांव में 17 मकानों में आईं दरारें

Tue, 25 Aug 2026 07:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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विगत माह आई थी आपदा, अब बारिश से बढ़ रहा भूस्खलन का दायरा
ग्रामीणों की शिकायत के बाद एसडीएम पहुंचे गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। तहसील मुख्यालय से सात किमी दूर स्थित छजगाड़ गांव में विगत माह क्षेत्र में आपदा आई थी। अब लगातार हो रही बारिश के कारण छजगाड़ में लगातार भू-धंसाव का दायरा बढ़ रहा है और 17 मकानों में दरारें आ गई हैं जबकि 60 से अधिक परिवार खतरे की जद में हैं। एसडीएम अबरार अहमद ने भू-धंसाव से प्रभावित छजगाड़ गांव का निरीक्षण किया।
क्षेपंस आरती देवी एवं सुरेंद्र सौरियाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 17 मकानों में दरारें आई हैं जबकि 60 से अधिक परिवार खतरे की जद में हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से राहत, बचाव और पुनर्वास की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक अनिल नौटियाल के माध्यम से कैबिनेट मंत्री को भी पत्र सौंपा गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम के साथ ब्लॉक प्रमुख दुर्गा देवी रावत, तहसीलदार हरीशचंद्र पांडे और अन्य अधिकारियों ने गांव पहुंचकर निरीक्षण किया। एसडीएम अबरार अहमद ने कहा कि भूवैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर ही विस्थापन की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। उन्होंने कहा कि मकानों के आगे, पीछे व किसी के साइड में तो कहीं रास्तों पर भू धंसाव हुआ है। तीन परिवार पास के अन्य ग्रामीणों के घर में रह रहे हैं और एक परिवार को तिरपाल दी गई है। एसडीएम ने ग्रामीणों को सजग रहने के लिए कहा। कोई भी घटना होने पर प्रशासन को शीघ्र सूचित करने को कहा।
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देवाल-खेता-मानमती सड़क का 25 मीटर हिस्सा बहा
दस हजार की आबादी हुई प्रभावित, 30 वाहन फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। सोमवार शाम को हुई भारी बारिश के कारण दस हजार आबादी की लाइफलाइन देवाल-खेता-मानमती सड़क का करीब 25 मीटर हिस्सा भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है। इस कारण करीब 12 गांवों की दस हजार की आबादी का संपर्क कट गया है। मार्ग पर 30 से अधिक वाहन भी फंसे हैं।
सुयालकोट मार्ग पर सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र है और यहां करीब 250 मीटर क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है। सोमवार शाम को भूस्खलन के कारण देवाल-खेता-मानमती सड़क का करीब 25 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। स्थिति यह है कि सड़क के ऊपरी हिस्से से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं जबकि अब सड़क के नीचे से भी कटाव शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई हैं। ऊपर से भूस्खलन और नीचे से कटाव के कारण यह क्षेत्र विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना है। मेलखेत के गणेश जोशी ने बताया कि सड़क बंद होने से 12 गांवों का संपर्क टूट गया है। मंगलवार को लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पोकलेन मशीन लगातार सड़क बनाने में जुटी है। डोगरा ने उम्मीद जताई कि यदि बारिश नहीं हुई तो सड़क बुधवार शाम तक खुल जाएगी।

11 दिन बाद गोपेश्वर-घिंघराण सड़क पर सुचारु हुई आवाजाही
स्थायी उपचार के लिए 1.87 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। 15 अगस्त से बंद गोपेश्वर-घिंघराण सड़क पर 11 दिन बाद मंगलवार को वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई। सड़क बंद होने के कारण आसपास के गांवों के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब सड़क खुलने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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देवर गांव निवासी पपेंद्र सिंह रावत, नैल-कुड़ाव की प्रधान ममता असवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार, प्रधान बबीता देवी और सार्थक रावत ने ब्रह्मसैंण में सड़क पर बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था करने की मांग की ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सही हो सके और दोबारा भूधंसाव की स्थिति न बने। पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र सेमवाल ने कहा कि ब्रह्मसैंण में सड़क के आसपास स्थित दुकानों और मोहल्ले की सुरक्षा के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। लोनिवि के अधिशासी अभियंता तनुज कांबोज ने बताया कि सड़क को फिलहाल हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सड़क के स्थायी उपचार के लिए 1.87 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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