नरेंद्रनगर से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई गाड़ू घड़ा (तेल कलश) यात्रा शुक्रवार को डिम्मर गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने गाडू घड़ा के दर्शन किए और पुष्प वर्षा कर भगवान बदरीविशाल के जयकारे लगाए। 14 मई तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाडू घड़ा की पूजा की जाएगी। जबकि 15 मई को गाडू घड़ा यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना होगी।
सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान बदरीविशाल की गाडू घड़ा यात्रा बृहस्पतिवार को नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर गांव के लिए रवाना हुई थी। इस बार कोविड के कारण यात्रा कर्णप्रयाग में नहीं रुकी। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे यात्रा जैसे ही डिम्मर गांव पहुंची तो गाडू घड़ा के दर्शन और यात्रियों के स्वागत के लिए गांव के लोग पहुंचे। भगवान की स्तुति और नामावलियों के साथ गाडू घड़ा को गांव के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रतिस्थापित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भगवान से देशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। 14 मई तक डिम्मर गांव के आचार्यों की ओर से लक्ष्मी नारायण मंदिर में ही तेल कलश की पूजा की जाएगी और 15 मई को यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होकर जोशीमठ पहुंचेगी। यात्रा 16 मई को पांडुुकेश्वर और 17 मई को बदरीनाथ पहुंचेगी। 18 मई को सुबह 4.15 बजे भगवान के कपाट खुलने पर गाड़ू घड़ा मंदिर में पहुंचेगा। इस मौके पर हेमचंद्र डिमरी, पंकज डिमरी, राजेंद्र डिमरी, नरेंद्र प्रसाद, बुद्धिबल्लभ डिमरी आदि मौजूद थे। संवाद