बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। इसके तहत सोमवार को डिम्मर गांव के लक्ष्मी-नारायण मंदिर में गाडू घड़ा की वैदिक मंत्रोचारों के साथ पूजा की गई। धर्माचार्यों ने ब्रह्ममुहूर्त में विष्णु शहस्त्रनाम और नामावलियों से श्री लक्ष्मी नारायण और गाडू घड़ा की पूजा कर भगवान को बाल भोग लगाया। इसके बाद गाड़ू घड़ा यात्रा नरेंद्रनगर राजदरबार के लिए रवाना हो गई। इसी के साथ आज वसंत पंचमी को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी।
श्री बदरीनाथ धाम के पुजारियों पंकज डिमरी, नरेश डिमरी, संजय डिमरी, जयंती डिमरी और अंकित डिमरी आदि की अगवानी में गाडू घड़ा के साथ श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की परिक्रमा की गई और इसके बाद गाड़ू घड़ा यात्रा नरेंद्रनगर राजदरबार के लिए रवाना हो गई। श्री बदरीश डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के महामंत्री राजेंद्र डिमरी ने कहा कि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा सोमवार को ऋषिकेश में रात्रि प्रवास करेगी और मंगलवार को वसंत पंचमी पर्व पर नरेंद्रनगर पहुंचेगी। टिहरी नरेश और महारानी की मौजूदगी में नरेंद्रनगर राजदरबार में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने और महाभिषेक के लिए तिलों का तेल निकालने की तिथि घोषित की जाएगी। इस मौके पर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी मोहन डिमरी, डिम्मर-उमट्टा पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र प्रसाद डिमरी, हेमचंद्र डिमरी, नरेश खंडूड़ी, महंत योगेशानंद महाराज, धर्मेंद्र दास महाराज और पुनीत डिमरी आदि मौजूद थे।