चमोली जिला पंचायत के निर्वाचन के पांच माह गुजर जाने के बावजूद अभी तक समितियों का विधिवत गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में पंचायत को विकास कार्यों के लिए मिली धनराशि अभी तक जस की तस पड़ी है, जबकि धनराशि को आगामी मार्च माह तक खर्च किया जाना है।
जिला पंचायत चमोली को वर्ष 2014-15 में राज्य वित्त से तीन किश्तों में तीन करोड़ 20 लाख 72 हजार रुपये और 13वां वित्त आयोग से एक करोड़ एक लाख रुपये मिले, लेकिन समितियों का गठन न होने से यह धनराशि जिला पंचायत के खाते में पड़ी है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला का कहना है कि जिला पंचायत की पहली बैठक में ही समितियों का गठन हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।
बीती 20 दिसंबर को जिला पंचायत ने समितियों के गठन को बैठक बुलाई, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्यों और ब्लॉक प्रमुखों में सहमति नहीं बन पाई थी।
12 अगस्त वर्ष 2015 को निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने शपथ ली थी। इसके बाद जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य के लिए प्रस्ताव जिला पंचायत को दिए, लेकिन समितियों का गठन न होने से प्रस्ताव भी जिला पंचायत में धूल फांक रहे हैं।
अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह का कहना है कि जिला पंचायत का निर्वाचन बीते वर्ष अगस्त में हुआ था जो देरी से हुआ। जिला पंचायत की समितियों का विधिवत गठन किया जाना है, इसे शीघ्र कर दिया जाएगा।
जिला पंचायत को प्राप्त बजट को नियमानुसार आगामी मार्च माह तक खर्च किया जाना है। इसको लेकर शीघ्र बैठक आयोजित की जाएगी। - तेज सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, चमोली।