गोपेश्वर। नगर क्षेत्र में स्थित एक बैंक शाखा के पूर्व प्रबंधक ने ग्राहकों के आधार कार्ड और फोन नंबर के आधार पर फर्जी खाते खोले और उनके नाम पर करोड़ों का लोन हड़प लिया। बैंक प्रबंधक की शिकायत पर थाना गोपेश्वर में पूर्व प्रबंधक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोप है कि पूर्व प्रबंधक की ओर से वर्ष 17 अगस्त 2022 से 5 जून 2025 तक कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तीन करोड़ 19 लाख रुपये का गबन किया गया।
नगर में स्थित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की गोपेश्वर शाखा के प्रबंधक अमित किमोठी ने थाना गोपेश्वर में दी तहरीर में आरोप लगाया कि शाखा के पूर्व प्रबंधक अनुराग पुंडीर ने ग्राहकों के आधार कार्ड व फोन नंबर लेकर फर्जी खाते खाेले। जिनसे करोड़ों का लेनदेन किया गया। बैंक में इस तरह का फर्जीवाड़ा 17 अगस्त 2022 से 5 जून 2025 तक चलता रहा। इन खातों के माध्यम से ऋण भी निकाला गया। जिनके नामों से खाता खोला गया, उन्हें पूरे मामले की जानकारी तक नहीं है। जब मामला उजागर हुुआ तो फर्जी खातों की परत दर परत तस्वीर सामने आ गई।
वर्तमान बैंक प्रबंधक ने इसकी शिकायत 19 दिसंबर को गोपेश्वर थाने में की। जिस पर पुलिस ने आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, बेईमानी से संपत्ति हस्तांतरण और कूटरचित कर दस्तावेजों को असली के रूप में उपयोग करने का मामला दर्ज किया है। थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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खाता खोलने आई महिला का पहले से ही चल रहा था खाता
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की गोपेश्वर शाखा के प्रबंधक अमित किमोठी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से जब एक महिला बचत खाता खोलने के लिए बैंक पहुंची तो उनके नाम पर पहले से ही खाता संचालित मिला। बैंक ने जब इसकी जांच की तो यह खाता फर्जी मिला। इसके बाद कई अन्य फर्जी खाते भी पकड़ में आ गए। बैंक प्रबंधन अभी तक इस तरह के 40 ऋण खाते बंद कर चुका है। संवाद
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सस्पेंड चल रहा बैंक प्रबंधक
- बैंक की गोपेश्वर शाखा में करोड़ों के गबन का मामला बीते वर्ष 18 सितंबर को उजागर हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद बैंक प्रबंधन ने पूर्व प्रबंधक अनुराग पुंडीर काे सस्पेंड कर दिया। उन्हें देहरादून कार्यालय से अटेच कर दिया गया है। संवाद