बुरसोल गांव के लोग छह माह के लिए पशुओं को चराने जाते हैं छानियों में
कुछ लोग दूध निकालकर लौट आते हैं घर, अब आवाजाही हुई ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। थराली के बुरसोल गांव के कारगुली तोक से प्रांत तक जाने वाला पैदल मार्ग भूस्खलन से करीब 100 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। ऐसे में प्रांत में अपनी गाय, भैंसों के साथ रहने वाले 80 से अधिक लोग अब वहीं फंसे हुए हैं। यहां के ग्रामीण अपने परिवार के सदस्यों के साथ छह माह के लिए प्रांत में छानियों में रहकर पशुओं को चराते हैं जिनमें से हर रोज परिवार के कुछ सदस्य दूध निकालकर शाम को अपने घरों को आ जाते हैं। बाकी बचे हुए सदस्य वहीं छानियों में ही रहते हैं। ऐसे में अब दोनों तरफ के लोगों की आवाजाही भी बंद हो गई है।
तहसील थराली के सोल पट्टी के बुरसोल गांव के ग्रामीण की आजीविका अधिकतर खेती बाड़ी और पशुओं पर निर्भर है। यहां के ग्रामीण मानसून के सीजन में प्रांत में अपने पशुओं को लेकर चले जाते हैं। बीते शनिवार रात्रि को हुई बारिश के कारण कारगुली तोक में भूस्खलन होने से करीब 100 मीटर तक पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया। बुरसोल के ग्राम प्रधान दिनेश फर्रस्वाण, सामाजिक कार्यकर्ता धर्म सिंह फर्रस्वाण, दिलबर सिंह फर्रस्वाण, ममंद अध्यक्ष गोविंदी देवी ने कहा कि पैदल रास्ता बंद होने से अब प्रांत में रहने वाले लोगों के लिए खाद्यान्न का संकट पैदा हो जाएगा। वैकल्पिक मार्ग कोलपुड़ी से है लेकिन उसमें दो घंटे से अधिक का समय लगेगा। उपजिलाधिकारी यशवीर रावत ने बताया कि मंगलवार को पैदल मार्ग के निरीक्षण के लिए अधिकारी भेजे जाएंगे। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।