मजदूर दिवस पर सरकार की ओर से मजदूरों को राहत मिली है। केंद्र सरकार के दिशानिर्देश के बाद जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के कारण राहत केंद्रों और शिविर में फंसे लोगों को उनके घर भेजना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को चमोली जिले से 21 और उत्तरकाशी जिले से 19 लोगों को बसों से उनके घर रवाना कर दिया गया। बसों से वह पहले हरिद्वार पहुंचेंगे इसके बाद वहां से घरों को जाएंगे। सभी को रवाना करने से पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अधिकांश मजदूर यूपी, पंजाब, सहारनपुर आदि के थे।
कर्णप्रयाग के गौचर में एक राहत शिविर में रखे 21 मजदूरों को जिला प्रशासन ने उनके घर भेज दिया है। ये मजदूर तीन सप्ताह से राहत शिविर में रह रहे थे। मजदूरों ने डीएम से अपने-अपने घरों को लौटने की इच्छा जताई थी। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड ने बताया कि मजदूरों को बस से हरिद्वार तक भेजा गया। वहां से सभी अपने-अपने राज्यों के लिए रवाना होंगे। राहत शिविर से भेजने से पूर्व मेडिकल टीम ने सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मजदूरों को नाश्ता कराया गया और रास्ते के लिए भी लंच पैकेट दिए गए। मजदूर यूपी, पंजाब और अन्य राज्यों के थे।
उत्तरकाशी में उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर क्षेत्र के 18 और राजस्थान के एक मजदूर को जांच के बाद वापस घर भेजा गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि इन मजदूरों को सरकारी शिविर में क्वारंटाइन किया गया था। जबकि अन्य सभी मजदूरों को भी नियमानुसार वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि घर वापस जाने के इच्छुक मजदूर संबंधित उपजिलाधिकारी या तहसील कार्यालय में अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
घर वापसी के नाम पर मजदूरों की फजीहत
कीर्तिनगर। मजदूर दिवस पर राजस्व विभाग ने उत्तर प्रदेश के मजदूरों की फजीहत करा दी। राजस्व विभाग की ओर से सोशल मीडिया पर यूपी के मजदूरों को उनके घर भेजने की बात कही थी। इसी संदेश पर कई मजदूर सुबह यहां पहुंच गए और भीड़ लग गई। बाद में बताया गया कि सिर्फ राहत केंद्रों के मजदूर वापस जाएंगे। ऐसे में किसी तरह से वाहनों और पैदल अपने सामान के साथ रामलीला मैदान में पहुंचे मजदूरों को बाद में बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान उन्हें भूखे-प्यासे रहना पड़ा।
कीर्तिनगर क्षेत्र के राजस्व कर्मियों ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर ग्राम प्रधान व नगर पंचायतों से अनुरोध किया कि उनके क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के जो मजदूर वापस जाना चाहते हैं, वह सुबह 10 बजे रामलीला मैदान कीर्तिनगर में एकत्रित हो जाएं। वहीं जो कीर्तिनगर तहसील के जो लोग यूपी में फंसे हुए हैं, उनको उन्हीं बसों में वापस लाया जाएगा। यह खबर सुनते ही शुक्रवार सुबह यहां फंसे यूपी के मजदूर रामलीला मैदान में सामान सहित किसी तरह पहुंच गए। वह लगभग 4 घंटे तक यहां बैठे रहे। बाद में उन्हें बताया गया कि यह आदेश उनके लिए नहीं हैं। एसडीएम संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यालय से सूचना मिली थी कि यूपी के कुछ लोगों को भेजा जाना है, उनको हरिद्वार तक भेजने का प्रबंध करें, लेकिन बाद में यूपी से संदेश आया कि अभी सिर्फ उन्हीं को ले जाएंगे, जो राहत केंद्रों में हैं।
‘जिले से बाहर जाने वाले तहसील कंट्रोल रूम में करें संपर्क’
नई टिहरी। लॉकडाउन के कारण जिले में फंसे विभिन्न जिलों के लोगों की सीडीओ अभिषेक रुहेला जानकारी एकत्रित करेंगे। इसके लिए तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं। डीएम डा. वी षणमुगम ने कहा कि जिले में फंसे श्रमिक, पर्यटक, तीर्थ यात्री और विद्यार्थी अपने राज्यों में जाना चाहते हैं तो वह तहसील स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। टिहरी तहसील के कंट्रोल रूम का नंबर 01376-232520, जाखणीधार 8126290760,8755075185, कंडीसौड़ 9568244233, प्रतापनगर और मदननेगी-रजाखेत 01379-262230, 9389847419, घनसाली 01379-258511, कीर्तिनगर 01370-260045, नरेंद्रनगर 01378-227283,85 और 9411504300, गजा 9389633513, धनोल्टी 01376-226236 और 37, तहसील नैनबाग का कंट्रोल रूम नंबर 9456718588 है।