गोपेश्वर-पोखरी मार्ग पर देवखाल में रेंजर आरती मैठाणी के साथ कंट्रोल बर्निंग में जुटी वन विभाग की
- फोटो : GOPESHWAR
लाखी गांव के जंगल में लगी आग पर वनकर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया है। जंगल में लगी आग से पत्थर छिटककर निचले क्षेत्रों में आ गए। वनकर्मी मुश्किल से जान बचाकर भाग निकले। शुक्रवार को दोपहर में करीब एक बजे असामाजिक तत्वों ने लाखी वन पंचायत के लखणू तोक के रास्ते में आग छोड़ दी जो जंगल तक जा पहुंची। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम जंगल पहुंच गई। फायर वाचरों ने आग पर काबू पाना चाहा लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि कोई भी इसके सामने नहीं जा पाया। शाम तक भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। बाद में जब आग चट्टानी भाग की ओर बढ़ी तो वन दरोगा बुद्धि बल्लभ जोशी, उमराव सिंह नेगी, वचन सिंह राणा, फायर वाचर व ग्रामीणों ने पेड़ों की टहनियों से आग बुझानी शुरू की। वन दरोगा बुद्घि बल्लभ जोशी ने बताया कि देर शाम सात बजे चट्टान पर सूखी घास में आग लगने से पत्थर छिटकने लगे जिस पर वनकर्मियों और ग्रामीणों ने भागकर जान बचाई। सात से नौ बजे तक आग बुझाने का काम किया गया। इसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।