मौसम की बेरुखी के चलते जिले के जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। यहां पोखरी, निजमुला, मंडल, ग्वाड और गोपेश्वर के समीप के जंगल जल रहे हैं।
शुक्रवार सुबह गोपेश्वर के समीप स्थित सिरौं गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित जंगल में सुबह आग लग गई, जिससे कई हेक्टेयर जंगल जल गए। सूचना देने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंचे।
शुक्रवार को केदारनाथ वन्य सिरौं गांव के जंगल में लगी आग जब सिंणजी गांव के समीप पहुंच गई, तो ग्रामीणों ने इसकी जानकारी अग्निशमन और वन विभाग को जानकारी दी।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे और डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं वन विभाग के अधिकारियों के पास जंगलों में लगी आग से हुए नुकसान का वर्तमान तक कोई आंकड़ा भी उपलब्ध नहीं है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की डीएफओ का कहना है सिरौं गांव में वन पंचायत क्षेत्र में आग लगी है। नियमों के अनुसार वन पंचायत को अपने वनों का संरक्षण स्वयं करना होता है। विशेष परिस्थितियों में वन विभाग ग्रामीणों की सहायता करता है।
दो दिनों में लाखों की वन संपदा हुई स्वाहा
केदारनाथ वन प्रभाग के अतंर्गत पोखरी ब्लॉक के नागनाथ के जंगलों में दो दिनों से लगी भीषण आग से लाखों की वन संपदा जलकर स्वाहा हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों दीपक शाह, सूरज कुमार, संदीप ने बताया कि वनाग्नि की सूचना दिए जाने के बावजूद विभाग इस दिशा में गंभीर नहीं है।
नागनाथ के जंगलों में लगी आग से जहां वन संपदा और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचा है वहीं, कर्णप्रयाग, लंगासू, कालेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में छाए धुयें के गुबार से आंखों में जलन और अस्थमा के रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।