कोरोना महामारी की भयावहता और इससे बचने के लिए लॉकडाउन एवं सामाजिक दूरी के नियम को लोग समझ रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में जहां दोपहर एक बजते ही सन्नाटा पसर रहा है, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतीबाड़ी में लगे ग्रामीण भी स्वयं सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते नजर आ रहे हैं।
देवराना घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि कोरोना के भय ने लोगों को जागरूक करने का कार्य किया है। यमुनोत्री धाम वाली गीठ पट्टी के गांवों में बाहरी क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही रोकने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभाला है। क्षेत्र के लोकेश चौहान, प्रवीण सिंह, विजय सिंह आदि का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से लोगों के आने से संक्रमण का खतरा है।
कर्णप्रयाग/आदिबदरी/थराली/देवाल। लॉकडाउन के दौरान कर्णप्रयाग, आदिबदरी, थराली, गौचर, गैरसैंण, नारायणबगड़, देवाल, लंगासू, नौटी, नंदासैंण सहित पूरे क्षेत्र में दोपहर एक बजे के बाद बाजार बंद रहे। सुबह खरीदारी के लिए लोग आ रहे हैं और सामान लेते हुए सामाजिक दूरी का पालन भी कर रहे हैं। इस दौरान सड़कों पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य वाहन नहीं चले। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ और पुलिस जवानों ने लोगों से सामान खरीदते समय सोशल डिस्टेंस का पालन करने को कहा। एसडीएम वैभव गुप्ता और थानाध्यक्ष गिरीश चंद्र शर्मा ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की।
देवाल में दोपहर तक लोगों ने जरूरी सामान की खरीदारी की और फिर घरों में रहे। थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला व देवाल के चौकी प्रभारी जगमोहन पडियार ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगा।