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हौसला--कोली गांव का मामला, गाय बकरियों को चराने गया था जंगल, हिम्मत दिखाकर तीन भालुओं से किया मुकाबला

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जंगल में गाय-बकरी चराने गए कोली गांव के एक ग्रामीण पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया। ग्रामीण जान बचाने के लिए भालू से भिड़ गया और लगातार भालुओं पर दरांती से हमला करता रहा। पिता को भालू से भिड़ता देख 13 साल के बेटे ने भी भालू पर लगातार पत्थरों से हमला किया। लगातार हमला होते देख भालू जंगल की ओर भाग गए।
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जंगल में गाय और बकरी चराने गए कोली गांव के एक ग्रामीण पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए ग्रामीण भालु बुरी तरह घायल कर दिया। ग्रामीणों की मदद से 108 से घायल को सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया गया है।
जिपंस विनोद नेगी व सहदेव नेगी ने बताया कि रविवार सुबह 9 बजे कोली गांव के उमराव सिंह (54) पुत्र डबर सिंह अपने 13 साल के बेटे विवेक सिंह के साथ गांव से 2 किमी दूर जंगल में गाय बकरियों को चराने के लिए गया थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे 3 भालुओं ने एक साथ उमराव पर हमला कर दिया। हमला होता देख जान बचाने के लिए उमराव लगातार दरांती से भालुओं पर प्रहार करता रहा। इसी दौरान कुछ दूरी पर खड़े उसके बेटे विवेक सिंह ने जब यह देखा तो उसने भालुओं पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिया। तभी घटना स्थल से कुछ दूरी पर एक अन्य व्यक्ति चिल्लाने की आवाज सुनकर पास आया, तब तक एक भालू भाग चुका था। फिर दोनों लोगों ने भालुओं पर पत्थर फेंके और उमराव दरांती से हमला कर रहा। पंद्रह मिनट कर चले संघर्ष के बाद दोनों भालू भाग गए। तभी उसके बेटे विवेक सिंह ने ग्रामीणों को फोन कर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीण उमराव को 108 की मदद से सीएचसी कर्णप्रयाग लाए। डॉ. अनुज सैनी ने बताया कि भालू ने उमराव सिंह के मुंह, हाथ, गर्दन सहित बदन में गहरे घाव किए हैं। उनको इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जिपंस विनोद नेगी ने वन विभाग से घायल को मुआवजा देने और जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग की।
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