ग्राम पंचायत चरी के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों की जांच की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में डीएम का घेराव किया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चल रहे मनरेगा के कार्य फर्जी तरीके से कराए जा रहे हैं। दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत में साढे़े छह लाख रुपये पेयजल योजना निर्माण के लिए मिले, लेकिन अभी तक योजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
बृहस्पतिवार को जिला सभागार में गढ़वाल सांसद बीसी खंडूड़ी की बैठक के कारण ग्रामीणों को करीब दो घंटे तक कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी का इंतजार करना पड़ा। दोपहर डेढ़ बजे बैठक संपन्न होने के बाद डीएम जैैसे ही परिसर में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें यहीं घेर लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से मनरेगा कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कई कार्य फर्जी तरीके से कराए जा रहे हैं, जिन ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत कोई कार्य नहीं किया, उन्हें भी हजारों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
जिला प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत करने के बावजूद इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। डीएम अशोक कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही तहसील स्तर से गांव में मनरेगा कार्यों की जांच की जाएगी। जल संस्थान से गांव में पेयजल योजना के निर्माण की जानकारी मांगी जाएगी।
इस मौके पर घाट के ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, भगत सिंह, थान सिंह, रघुवीर सिंह, लक्ष्मण सिंह, सुलपी लाल, अव्वल सिंह और वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।