सूयालकोटी घाटी में बुनियादी सुविधाओं को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार के लिए बाजार में भीख मांगी। इस दौरान प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार विकास योजनाओं के लिए आर्थिक संसाधन नहीं जुटा पा रही है तो यह सरकार की नाकामी है।
पिंडारी संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों का प्रदर्शन दसवें दिन भी जारी रहा। बाजार में प्रदर्शन कर भीख से एकत्र हुई धनराशि केंद्र और राज्य सरकार को भेजी जाएगी। सूयालकोट घाटी के गांवों को सड़क से जोड़ने, घाटी में अस्पताल, बैंक, दूरसंचार की स्थापना और देवाल-खेता मोटर मार्ग के निर्माण कार्यों की जांच की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर है। कहा कि मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
भीख मांगने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन दानू, संयोजक दलवीर दानू, संरक्षक गोविंद सिंह गड़िया, मंजू परिहार, बलवंत बसेड़ा, नंदन सिंह, आलमी देवी, नंदी गड़िया, कमला देवी, सीमा, राजेंद्र गड़िया पारूली देवी आदि थे। प्रमुख उर्मिला बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र दानू, बलबीर घुनियाल, महावीर बिष्ट आदि ने आंदोलन को समर्थन दिया।
देवाल-खेता मोटर मार्ग के निर्माण कार्यों की जांच के लिए सीएम हरीश रावत से वार्ता की गई है। वहीं हरमल-चोटिंग और रामपुर-तोरती मोटर मार्ग की फाइलें स्वीकृति के लिए भारत सरकार भेजी जा रही है। विद्युत विहीन गांवों को बिजली से जोड़ने के लिए जल्द ही धनराशि प्राप्त होने वाली है जिसकी प्रक्रिया एक माह में शुरू कर दी जाएगी।
डा. जीतराम, विधायक