ग्वालदम के चार से अधिक तोक में आपदा में हुआ था नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। विकासखंड के ग्वालदम में चार से अधिक तोकों की कृषि भूमि बीते वर्ष आपदा से प्रभावित हो गई थी। कृषि भूमि से सटकर बहने वाले बरसाती नालों से करीब 25 नाली भूमि प्रभावित थी लेकिन आपदा के आठ माह बीत बाद भी यहां न तो सुरक्षा कार्य हो पाए न ही काश्तकारों को मुआवजा मिल पाया। ऐसे में ग्रामीणों को बरसात में कृषि भूमि को क्षति होने की चिंता सता रही है।
ग्वालदम के ग्राम प्रधान हेमलता गड़िया ने बताया कि ग्वालदम के सब्जी तोक, ताल, करूलपानी और जलचौंरा में बरसाती नालों से विगत वर्ष कृषि भूमि कटाव और भू-धंसाव हुआ था। इस संबंध में ग्राम पंचायत ने सिंचाई विभाग से चेकडैम और आरसीसी दीवार निर्माण की मांग की थी लेकिन आठ माह बाद भी अभी तक इन तोकों में रहने वाले परिवारों की कृषि भूमि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। फसलों और भूमि को जो नुकसान हुआ था उसका मुआवजा भी यहां के काश्तकारों को नहीं मिल पाया है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि यहां के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।