निजमुला गांव के मदन सिंह ने साढ़े तीन महीने पहले बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक ऊर्जा निगम ने संबंधित परिवार को कनेक्शन नहीं दिया है। इसी गांव के मोहन सिंह ने कहा कि छह माह पहले कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। ऊर्जा निगम के लाइनमैन ने लाइन जोड़ने के लिए सात सौ रुपये घूस की मांग की थी। रुपये देने में असमर्थता जताई तो लाइनमैन मीटर और तार वहीं छोड़कर चला गया। फिर खुद ही कनेक्शन जोड़ा। ये शिकायतें बुधवार को ग्रामीणों ने गांव में पहुंची विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की टीम के सामने रखीं।
मंच ने जल्द शिकायतों के समाधान की बात कही। इन दिनों मंच की टीम गांव-गांव में बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए पहुंच रही है। बुधवार को निजमुला गांव में टीम पहुंची तो ग्रामीणों ने कई शिकायतें रखीं। सावित्री देवी ने कहा कि चार माह पूर्व बिजली की लाइन काट दी गई थी, लेकिन अभी तक ऊर्जा निगम की ओर से बिल दिया जा रहा है। मंच ने उनके बिलों काे जांचा तो बिल आईडीएफ (नो रीडिंग बिल) दर्शाए गए थे। मंच के तकनीकी सदस्य भूपेंद्र कनेरी ने कहा कि जले व खराब मीटर एवं ट्रांसफार्मर के कारण यदि उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से बिजली नहीं मिलती है तो वे मंच से शिकायत करें। बिजली आपूर्ति बाधित होने की दशा में उपभोक्ताओं को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। मंच के सदस्य शशि भूषण मैठाणी ने कहा कि ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। मंच का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।