श्री देव सुमन विश्वविद्यालय की गलती के कारण कई छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। हाल यह है कि छात्र-छात्राओं ने पेपर तो किसी अन्य विषय में दिया लेकिन जब उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से मार्कशीट देखी तो उसमें कोई अन्य विषय प्रिंट हो रखे हैं।
ऐसे में इन छात्र-छात्राओं को शुद्धिकरण करने के लिए कालेजों से कई किलोमीटर दूर टिहरी के चक्कर काटने पडेंगे। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल कुमार और संजय असवाल, सूरज सिंह, सुनील कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की खामियों का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
टिहरी जाने वाले छात्र-छात्राओं का समय खराब होगा वहीं उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राएं इस तकनीकि कमी के चलते बैंक पेपर भी नहीं भर पा रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने मांग की हैविश्विद्यालय को महाविद्यालय में ही त्रुटि संशोधन की व्यवस्था करानी चाहिए। ताकि छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
छात्र विपिन बिष्ट ने राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग से राजनीति विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी विषय में बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा दी थी। नेट से प्राप्त मार्कशीट में अंग्रेजी विषय के स्थान पर अर्थशास्त्र विषय दिया गया है।
बीए द्वितीय की छात्रा नीलम ने हिंदी, राजनीति विज्ञान और संस्कृत विषय की परीक्षा दी थी। मार्कशीट में देखने पर पता लगा कि संस्कृत विषय की जगह अंग्रेजी विषय अंकित हुआ है। विषय को सुधार के लिए श्री देव सुमन के कार्यालय नई टिहरी जाना पड़ रहा है।
कोट्स
अधिकतर छात्र-छात्राएं किसी अन्य व्यक्ति से अपना परीक्षा फार्म भरवाते हैं। ऐसे में वे गलत विषय भर देते है। ऐसे में इस प्रकार की समस्याएं होती है। हालांकि छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए महाविद्यालय द्वारा उनकी उपस्थिति का सत्यापन कर संबधित छात्र, छात्रा को श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के लिए भेज दिया जाता है। जहां अंकतालिका में सुधार हो जाता है।
------डा. जीसी बेंजवाल, प्रभारी प्राचार्य पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग।