इंजीनियरिंग कॉलेज गोपेश्वर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी में ‘रिसर्च इन इंटेलीजेंट एंड कंप्यूटिंग इन इंजीनियरिंग’ विषय पर विशेषज्ञों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी आविष्कारों के बारे में बताया।
कॉलेज सभागार में संगोष्ठी का शुभारंभ कालेज के निदेशक डा. केकेएस मेर ने किया। प्रथम सत्र में संगोष्ठी के संयोजक और आईटीएसम गाजियाबाद के डा. विजेंद्र सोलंकी ने कहा कि वर्तमान दौर तकनीकी का है। हर छात्र को कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।
मौजूदा दौर में तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। विश्व में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए शोध और चर्चा की जरूरत है। संगोष्ठी के दूसरे सत्र में एचआईटी तमिलनाडू के डा. संगोरियन, एचसीएल नोएडा के डा. रोहित डल, आईआईटी जयपुर की डा. ज्योति बोरा, दिल्ली की डा. श्रद्धा देशमुख व डा. स्वाति जोशी और इंजीनियरिंग कॉलेज गोपेश्वर के डा. जितेंद्र रौथाण ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी में पोलैंड, डेनमार्क, स्पेन और बोस्टन से भी विशेषज्ञों को पहुंचना था, लेकिन वे नहीं आ सके। उन्होंने अपने शोध पत्र संस्थान को मेल कर दिए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. केकेएस मेर ने बताया कि शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 54 विषय विशेषज्ञ अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
यहां प्रस्तुत शोध पत्रों को पोलैंड के तकनीकी संगठन एनाल्स की ओर से शोध ग्रंथ में प्रकाशित किया जाएगा। इस मौके पर डा. राजेंद्रन, डा. अंचिता बिजल्वाण, डा. विश्वनाथ, संदीप कंडवाल, अभिषेक चौहान, अरुण उनियाल और हेमंत चौहान आदि मौजूद थे।