श्रीनगर से चमोली जिले के लिए बिजली सप्लाई करने वाली 66 केवी की बिजली लाइन में फाल्ट आने से जिले के 615 गांवों में 26 घंटे तक बिजली गुल रही।
रविवार सुबह साढ़े नौ बजे ठप हुई बिजली सप्लाई सोमवार दोपहर बारह बजे सुचारु हो पाई। बारिश होने से फाल्ट को ठीक करने में दिक्कतें हुईं।
बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में वन्य जीवों का खतरा बना हुआ है। पोखरी के रमेश चौधरी का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप होेने से लोग शाम होते ही घरों में दुबकना पड़ा।
ऊर्जा निगम की ओर से बूढ़ी हो चुकी 66 केवी की बिजली लाइनों को बदला नहीं जा रहा है, जिससे बार-बार बिजली आपूर्ति ठप हो रही है। जोशीमठ, गोपेश्वर, पीपलकोटी, पोखरी और घाट क्षेत्रों में बिजली ठप होने से कारोबारियों को भी दिक्कतें उठानी पड़ी।
सोमवार सुबह नगर में लगे एटीएम ने भी काम करना बंद कर दिया था, लेकिन दोपहर बाद बिजली आपूर्ति होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं कर्णप्रयाग में ग्राम प्रधान डिम्मर सरोजनी देवी, स्वर्का की किरन देवी, कालेश्वर के हरीश चौहान, डुंगरी के गबर सिंह रावत आदि का कहना है कि बिजली की अनियमित कटौती और गांवों में लो वोल्टेज की समस्याओं का प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है।
उन्होंने शासन और प्रशासन से बिजली की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पंवार का कहना है कि सिमली स्थित विद्युत सब-स्टेशन बनकर तैयार है। इससे बिजली व्यवस्था में सुधार आएगा।