नीती घाटी के ग्रामीणों ने घाटी में दूरसंचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि ग्रीष्मकाल में नीती घाटी के नीती, बांपा, कोशा, कैलाशपुर, फरकिया, गमशाली, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कागा, महरगांव और जुम्मा गांव के ग्रामीण अपने पैतृक गांवों में लौट जाते हैं, लेकिन घाटी में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
नीती गांव के प्रधान नंदन सिंह व अन्य पंचायत प्रतिनिधि राय सिंह, रणजीत सिंह, बच्ची देवी, धीरेंद्र गरोडिय़ा, दीपा देवी, बलवीर सिंह, धर्मेद्र सिंह, रुकमणी देवी और गौर सिंह का कहना है कि नीती घाटी में दूरसंचार की कोई सुविधा नहीं है।
ग्रामीणों को सिर दर्द और बुखार की दवाई के लिए भी साठ किमी की दूरी तय कर जोशीमठ आना पड़ता है। उन्होंने गमशाली में आधुनिक मशीनों से युक्त सीएचसी की स्थापना करने, देहरादून से गमशाली तक रोडवेज बस सेवा शुरू करने की भी मांग की।
कैलाशपुर गांव के प्रधान गौर सिंह और रुद्र सिंह राणा का कहना है कि घाटी में आवागमन के लिए वाहनों की भी बड़ी समस्या है। उन्होंने देहरादून-गमशाली बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई है।