निचले क्षेत्रों में बारिश न होने से काश्तकार परेशान हैं। पोखरी, जोशीमठ, दशोली, घाट, नंदप्रयाग क्षेत्रों में अभी तक बारिश नहीं हुई है, जिससे गेहूं और सरसों की फसल पनप नहीं पा रही है। काश्तकारों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की दो बार बर्फबारी हो गई, लेकिन निचले क्षेत्रों में बारिश नहीं हो रही है।
नंदप्रयाग क्षेत्र में सिंचाई की कोई व्यवस्था न होने से काश्तकार बारिश के पानी से ही अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। मंगरोली गांव के पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी का कहना है कि वर्ष 2013 में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। खेतों की सिंचाई के लिए बरसात के पानी पर ही निर्भर हैं। पोखरी की कमला देवी, सतेश्वरी देवी, राजेश्वरी का कहना है कि 17 और 23 नवंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, लेकिन इसका परंपरागत फसलों को कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। बारिश होने पर ही खेतों की सिंचाई हो पाएगी।