नारायणबगड़ के भारकोटबार में देवी के दर्शन करते श्रद्धालु। स्रोत: जागरूक पाठक
चार दिवसीय नंदा महोत्सव शुरू, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मध्य कड़ाकोट पट्टी के नौ गांवों के ग्रामीण करते हैं आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। नंदाधाम भारकोटबार भंगोटा में नंदादेवी मंदिर के कपाट खुले। भूमियाल देवता के आगमन और नंदादेवी मंदिर के कपाटोद्घाटन के साथ चार दिवसीय नंदा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मध्य कड़ाकोट पट्टी के नौ गांवों के सहयोग से हर तीसरे वर्ष यह महोत्सव आयोजित होता है।
रविवार सुबह खेन्टीखाल में आचार्यों ने चनौणा पूजन किया। इसके बाद ग्रामीण बाजे-गाजे के साथ भूमियाल देवता को लेने रैंस गांव पहुंचे। रैंस गांव में भूमियाल देवता की मूर्ति निशाण पर स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। भूमियाल देवता के निशाण ने शंखनाद के साथ नंदाधाम भारकोटबार के लिए प्रस्थान किया। भारकोटबार में आचार्यों ने सरकोल पूजन कर भूमियाल देवता का आह्वान किया। भूमियाल देवता के पश्वा ने मां नंदादेवी मंदिर के कपाट खोले। नंदा भक्तों ने जयकारे लगाए और अक्षत व पुष्प बरसाए। मंदिर के कपाटोद्घाटन पर पुजारी राजेंद्र प्रसाद सती और भास्करानंद सती ने गणेश व पंचांग पूजा की। जागर सम्राट बुद्धि सिंह दानू ने मां नंदा के जागर गाए। अगले चार दिनों तक नंदाधाम भारकोटबार में मां नंदा के जागर गूंजते रहेंगे। सोमवार को भूमियाल देवता की अगुवाई में मां गिरिजा भवानी के दर्शन होंगे। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मां नंदा के शृंगार दर्शन और देवी अवतरण के जागर गीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह मेहरा, कनिष्ठ उपप्रमुख भूपेंद्र सिंह मेहरा, सतेंद्र मेहरा, प्रधान मीना देवी, कुशवर मेहरा समेत बड़ी संख्या में नंदाभक्त मौजूद रहे।