श्रद्धालुओं ने किए क्षेत्र रक्षक के दर्शन, महिलाओं ने भजन गाए और पारंपरिक नृत्य किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीनाथ क्षेत्र के रक्षक भगवान घंटाकर्ण मंदिर के कपाट सोमवार को विधि-विधान से वेद मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के अवसर पर माणा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
सोमवार सुबह करीब नौ बजे माणा स्थित घन्याल मंदिर में कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के बाद भगवान घंटाकर्ण की प्रतिमा को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शोभायात्रा साथ माणा गांव स्थित मंदिर लाया गया और स्थापित किया गया। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस मौके पर महिला मंगल दल की ओर से भजन-कीर्तन किए गए और लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान घंटाकर्ण के दर्शन किए। माणा गांव के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि अब पूरे यात्रा सीजन में श्रद्धालु भगवान घंटाकर्ण मंदिर में नियमित रूप से दर्शन कर सकेंगे। इस मौके पर घंटाकर्ण के अवतारी पुरुष आशीष कनखोली, मंगलेश्वर के अवतारी पुरुष रघुवीर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा सहित आदि लोग मौजूद रहे।
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मंगलेश्वर मंदिर का हुआ उद्घाटन
माणा गांव में सोमवार को मंगलेश्वर मंदिर का विधिवत उद्घाटन भी हुआ। पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि गांव में मंगलेश्वर भगवान का प्राचीन मंदिर स्थित था। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मंदिर का जीर्णोद्धार किया। मंगलेश्वर महाराज क्षेत्रपाल घंटाकर्ण भगवान के भाई के रूप में पूजे जाते हैं। संवाद