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राज्य गठन की तिथि भी मालूम नहीं

Thu, 03 Dec 2015 05:48 PM IST
गोपेश्वर
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जिस पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई थी, उसी पहाड़ के छात्र-छात्राओं को राज्य गठन की तिथि तक मालूम नहीं है। इसकी बानगी जनपद मुख्यालय के  नजदीकी एक प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं केबीच देखी गई। अधिकांश ने राज्य गठन की तिथि नौ नवंबर 2015 बताई। कमोबेश यही स्थिति अन्य विद्यालयों में भी रही।
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राज्य गठन के पंद्रह वर्ष पूरी होने के बाद भी यहां के सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नहीं पता कि पृथक राज्य गठन की अवधारणा क्या थी। राज्य आंदोलन के शहीदों और मुजफ्फरनगर गोलीकांड के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है। उत्तराखंड के गांधी की संज्ञा किसे दी गई, इस बाबत भी छात्र नहीं जानते। छात्रों से पूछा गया तो वे राज्य गठन की तिथि को भी ढंग से नहीं जानते हैं। कसूर इन छात्र-छात्राओं का नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से पाठ्य पुस्तकों में राज्य गठन से संबंधित कोई ऐसी सामग्री संकलित नहीं की गई है जिसे छात्र पढ़ सकें।

प्राथमिक विद्यालय क्यार्की
विद्यालय में पांचवीं कक्षा की छात्रा रितु, अनीता, आईसा, अर्जुन, संजना, विजय, अमित और गौरव नहीं बता पाए कि मुजफ्फरनगर कांड कब हुआ। कुछ छात्र राज्य गठन की तिथि भी नहीं बता पाए। महात्मा गांधी को ही छात्रों ने उत्तराखंड का गांधी बताया।
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राजकीय इंटर कालेज ग्वाड़
यहां छठवीं की छात्रा रिया, आरती, दिव्यांशी, करीना, निधि, अंकित, अभिषेक व आयुष ने बताया कि राज्य का गठन नौ नवंबर को हुआ था लेकिन एक-दो को छोड़कर अन्य छात्र राज्य गठन का वर्ष नहीं बता पाए। यहां आठवीं की छात्रा दीपिका, अंजली, सरस्वती, सोनी, दिया, रचना व दिव्या ने पूछे जाने पर कहा कि यूपी बड़ा राज्य था इसलिए उत्तराखंड अलग हुआ। उत्तराखंड के गांधी किसी कहते हैं, वे नहीं बताया पाए।

प्राथमिक विद्यालय सगर
छात्र कृष, छात्रा संध्या, साक्षी, कृष्णा और दिया ने बताया कि वर्ष 2015 को राज्य का गठन हुआ। पृथक राज्य गठन के लिए शहादत देने वाले कौन-कौन थे, मुजफ्फरनगर कांड और उत्तराखंड की राजधानी के बारे में भी बच्चों को कुछ पता नहीं है।

प्राथमिक विद्यालय गंगोलगांव
छात्रा शालिनी, रेशमा, दिया, समीर, मिनाक्षी व विष्णु ने राज्य स्थापना वर्ष तो बता पाए, लेकिन तिथि भिन्न-भिन्न बताई। मुजफ्फरनगर कांड कब और क्यों हुआ तथा इंद्रमणि बडोनी कौन हैं, इस बारे में भी छात्र-छात्राएं कुछ नहीं बता पाए। उत्तराखंड राज्य पर किए गए किसी भी सवाल का जवाब बच्चों ने नहीं दिया।
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