जंगल में घास लेने गई मंडल घाटी के देवलधार गांव की एक महिला को भालू ने हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। महिला के साथ जंगल गए पालतू कुत्ते ने भालू के साथ संघर्ष कर उसे जंगल की ओर भागने को मजबूर कर दिया।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे मंडल घाटी के देवलधार गांव के रघुवीर लाल की पत्नी अनीता (28 वर्ष) घास के लिए गांव के पास जंगल गई थी। उसके साथ उनका पालतू कुत्ता भी जंगल की ओर आ गया। अनीता घास काट ही रही थी कि अचानक झाड़ियों में घात लगाकर बैठे भालू ने उस पर हमला कर दिया। अनीता के चिल्लाने की आवाज सुनकर कुत्ता वहां पहुंचा और भालू पर झपट गया। कुत्ते के काफी आक्रामक होने से भालू जंगल की ओर भाग गया।
अनीता लहूलुहान हालत में गांव के पास पहुंची, लोगों ने वाहन की मदद से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अनीता के सिर और पांव में भालू के नाखून के गहरे जख्म पड़े हैं। घायल अनीता ने बताया कि अचानक भालू उसके सामने आ गया और उस पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर उनका कुत्ता वहां पहुंचा और भालू पर झपट पड़ा। अनीता कहती है कि कुत्ते की वजह से ही आज वह जिंदा है।
दिन दोपहर आबादी वाले क्षेत्रों में घुस रहा भालू
पीपलकोटी/जोशीमठ। बंड क्षेत्र में इन दिनों भालू की जबरदस्त है। भालू दिन दोपहर ही आबादी वाले क्षेत्रों में घुस रहा है। जोशीमठ क्षेत्र में भी पिछले छह माह से भालू कई लोगों पर हमला कर चुका है। बंड क्षेत्र के हाट गांव में भालू गोशालाओं की छत तोड़कर मवेशियों को मार रहा है। हाट गांव के राजेंद्र प्रसाद हटवाल और मठ गांव के मोहन प्रसाद की दुधारू गाय को दिन दोपहर भालू ने शिकार बना दिया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता शाह का कहना है कि ग्रामीणों को जल्द ही भालू की दहशत से निजात नहीं दिलाई गई तो ग्रामीणों को साथ लेकर वन विभाग कार्यालय पर आंदोलन शुरू कर देंगे। वहीं, जोशीमठ क्षेत्र में भी भालू की दहशत कम नहीं हो रही है।
जोशीमठ निवासी महेंद्र सिंह का कहना है कि तपोवन क्षेत्र और जोशीमठ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भालू शाम होते ही आबादी क्षेत्र में पहुंच रहा है।
इधर, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के एसडीओ सर्वेश कुमार दूबे का कहना है कि कई लोग खाद्य सामग्री को कूड़े में डाल देते हैं, उसे खाने के लिए भालू आबादी क्षेत्र में पहुंच जाता है। उन्होंने खाद्य सामग्री को बाहर न डालने की अपील की है। कहा गया कि भालू को खदेड़ने के लिए वन कर्मी लंबी दूरी की गश्त कर रहे हैं।