कोरोना काल में वेतन कटौती के विरोध में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। शासन की ओर से स्वास्थ्य कर्मियों की सहमति के बिना एक दिन का वेतन काटे जाने और प्रशासन की ओर से जिले के चिकित्सा अधीक्षकों के अगस्त माह के वेतन भुगतान पर लगाई रोक का डॉक्टरों ने विरोध किया। सीएचसी कर्णप्रयाग के डॉक्टरों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मामले का संज्ञान लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो एक सप्ताह बाद जिले के सभी अस्पताल बंद रखने के लिए बाध्य होंगे।
प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ चमोली के संरक्षक डा. राजीव शर्मा और उपाध्यक्ष डा. हरीश थपलियाल आदि ने कहा कि कोराना महामारी में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी 24 घंटे पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, लेकिन बिना स्वास्थ्य कर्मियों की सहमति के एक दिन का वेतन काटा और वेतन भुगतान रोका जा रहा है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य कर्मियों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार से स्वास्थ्य कर्मी हतोत्साहित हो रहे हैं। विरोध जताने वालों में डा. वीपी पुरोहित, डा. मनोज मिश्रा, डा. मयंक डिमरी, डा. उमा शर्मा, डा. स्नेहा थे।
उत्तरकाशी में भी डॉक्टरों ने विरोधस्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधकर काम किया और पूरा वेतन देने की मांग उठाई। संगठन के महासचिव डा. पीएस पोखरियाल ने कहा कि इस संबंध में में सीएम से भी वार्ता की थी, जिस पर वेतन कटौती नहीं कटने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी वेतन काटा जा रहा है। उन्होंने सरकार से जोखिम भत्ता भी देने की मांग की। विरोध जताने वालों में सीएमओ डा. डीपी जोशी, डा. एसडी सकलानी, डा. पीएस नेगी, डा. सीएस रावत शामिल रहे।
डॉक्टरों का सामूहिक त्यागपत्र देने का एलान
श्रीनगर/रुद्रप्रयाग/नई टिहरी। संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में भी डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर काम किया। एक हफ्ते तक कर्मचारियों का यह आंदोलन चलेगा। सरकार की ओर से मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर डॉक्टरों ने 8 सितंबर से वीआरएस या सामूहिक त्यागपत्र देने का एलान किया है। इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. एसएस चौहान, डा. गोविंद पुजारी, डा. लोकेश सलूजा, डा. आनंद राणा, डा. अनिल बिष्ट, डा. गौतम नैथानी, डा. कमलेश भारती और डा. अजय गोयल मौजूद थे। दूसरी ओर जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में सामान्य ओपीडी व इमरजेंसी मामलों के दौरान डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर विरोध जताया। इस मौके पर डा. डीबीएस रावत, डा. नीतू तोमर, डा. राजीव गैरोला मौजूद थे। ब्यूरो
नई टिहरी में जिला अस्पताल बौराड़ी सहित एपीएचसी नई टिहरी, सभी सीएचसी, पीएससी, सब सेंटर में कार्यरत सरकारी चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। जिला अस्पताल के सीएमएस और संघ के मीडिया प्रभारी डा. अमित राय ने कहा कि डीएम की ओर से तहसीलदार, पटवारी जैसे कार्मिकों से अस्पतालों के निरीक्षण करवाए जा रहे हैं, जिससे अस्पतालों में प्रशासनिक हस्तक्षेप हो रहा है। जसपुर में कंटेनमेंट जोन को लेकर प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ जसपुर के विधायक की ओर से अभद्रता की गई, लेकिन इस प्रकरण पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मौके पर डा. राखी गुसाईं, डा. दिव्यांशु नैथानी ने भी विरोध दर्ज कराया। ब्यूरो