जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने नए वित्तीय वर्ष में जिला योजना के तहत कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम, डेयरी एवं अन्य संबंधित विभागों की ओर से प्रस्तावित योजनाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को रूटीन से हटकर विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि हर ब्लाक में ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाए जहां पर जंगली जानवरों से सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान होता है। उन गांवों में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए मनरेगा से घेरबाड़ करवाई जाए। डीएम ने कहा कि जनपद में फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ग्रेडिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाए। साथ ही किसानों के उत्पादों को संग्रहित करने के लिए संग्रह केंद्र तथा विक्रय के लिए आउटलेट सेंटर बनाने पर जोर दिया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर चिह्नित गांव में सभी स्वरोजगारपरक योजनाओं का क्रियान्वयन कर गांव को एक मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इस मौके पर सीडीओ हंसादत्त पांडे, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आनंद सिंह जंगपांगी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, अपर कृषि अधिकारी जीतेंद्र भाष्कर आदि मौजूद थे।