देवाल। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत वांण गांव में जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान की ओर से किसानों को एक लाख बीस हजार कुटकी के पौधे दिए गए। संस्थान ने कृषकों को कुटकी के पौध की कटिंग व तकनीक की जानकारी भी दी।
गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शोध संस्थान के सर्वेक्षक विक्रम रावत ने कहा कि परंपरागत कृषि योजना के तहत वांण के चार क्लस्टर में 105 किसानों व कुलिंग के तीन क्लस्टर में 35 कृषकों को कुटकी के पौधे दिए गए। इन गांवों में कई किसानों ने जटामासी की खेती भी शुरू की है। शोध संस्थान जड़ी बूटी उगाने वाले कृषकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उद्यान विभाग के एडीओ निलेश शर्मा ने परंपरागत कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कुंवर बिष्ट, मदन सिंह, खिलाप सिंह, लक्ष्मण सिंह, उमराव सिंह, दिवान सिंह, नाथो सिंह, पान सिंह, भगत सिंह, राधा देवी और गोपाल सिंह आदि मौजूद थे। संवाद