पांच गांवों की चार हजार से अधिक की आबादी को मिलेगी सुविधा
अस्थायी पुलिया बहने से बरसात में गांवों में कैद हो जाते हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। तीन साल के विवाद के बाद आखिरकार प्राणमति नदी पर झूला पुल का निर्माण कार्य शनिवार से शुरू हो गया है। इस पुल के बनने से थराली गांव, सूना, पैनगढ़ और देवलग्वाड़ सहित पांच गांवों के चार हजार से अधिक ग्रामीणों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। खासकर बरसात के चार महीनों में उनकी परेशानी कम होगी।
12 जून 2022 को प्राणमति नदी के उफान पर आने से थराली के पास एक मोटर पुल और एक झूला पुल बह गए थे। तब से ग्रामीण यहां अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही कर रहे थे। मगर बरसात में पुलिया टूटने से ग्रामीण हर वर्ष घरों में ही कैद हो जाते थे। वर्ष 2023 में एक झूला पुल बनाया गया था लेकिन वह भी नदी में बह गया। उस समय ठेकेदार पर पुल को नदी के स्तर से कम ऊंचाई पर बनाने का आरोप लगा था। बाद में 2023 में पुल के एबेटमेंट (पिलर) स्थल को बदला गया और देवकुना गांव के नीचे से एबेटमेंट बनाए गए। हालांकि यह भूमि देवकुना गांव के एक परिवार की थी जिसने मुआवजे के बिना सहमति नहीं दी थी। कई दौर की बातचीत के बाद अब मुआवजे की धनराशि स्वीकृत हुई है। इस पर ग्रामीण ने भूमि दे दी और शनिवार को यहां पुल का काम शुरू हो सका। इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित, सूना गांव की सामाजिक कार्यकर्ता नरेश देवराड़ी, नंदाबल्लभ देवराड़ी, प्रेम देवराड़ी, मोहन बहुगुणा, मोहन पंत प्रेम बल्लभ देवराड़ी आदि मौजूद थे।