उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन की बैठक में मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड रद्द करने, भोजनमाताओं को 26 हजार न्यूनतम वेतन देने, स्थायी कर्मचारी घोषित करने आदि की मांग की गई। लेबर कोड कानून के विरोध में 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाने पर चर्चा की गई।
भोजनमाता संगठन की बैठक में सीटू के जिला उपाध्यक्ष मदन मिश्रा ने बताया कि 12 फरवरी को ट्रेड यूनियन ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। सरकार चार कानूनों के माध्यम से मजदूरों के हकों पर हमला कर रही है। उन्होंने 12 फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन को सफल बनाने की अपील की। कहा कि भोजन माताएं लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रही हैं। अब मानदेय सहित अन्य मांगों के लिए संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने वीबीजीरामजी कानून काे रद्द करने व मनरेगा को बहाल कर दो सौ दिन का रोजगार देने की मांग भी की। बैठक में गीता देवी, अनिता देवी, नीमा, बसंती, कौशल्या, मंजू, ललिता, आनंदी देवी, मदुली देवी, बिमला, बैजंती, धना देवी, कमला देची, तारा देवी, सीटू के मदन मिश्रा और देवराम वर्मा मौजूद रहे। संवाद