हल्दापानी के आपदा प्रभावितों ने शुक्रवार को जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने निचले हिस्से में हो रहे भूस्खलन के ट्रीटमेंट की मांग उठाई। लोगों ने प्रशासन का पुतला फूंका और समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे पर हल्दापानी में आपदा प्रभावितों ने एकत्रित होकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव हो रहा है, लेकिन इसके ट्रीटमेंट की व्यवस्था नहीं हो पाई है। व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित ने कहा कि सरकार जल्द इसके लिए बजट आवंटित करे। लोगों ने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावितों के साथ जिलाधिकारी का रवैया भी ठीक नहीं है।
लोगों ने कहा कि भू-धंसाव का दायरा बढ़ता जा रहा है, जिससे सड़क किनारे के भवनों को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस मौके पर अमित मिश्रा, विपिन कंडारी, उमा थपलियाल , विमला बजवाल , भागीरथी देवी , कमला बिष्ट , अनीता नेगी, ललिता खाती, दीपक भट्ट, पंकज कुमार आदि मौजूद थे।
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कुछ दिन पूर्व आपदा प्रभावित कलक्ट्रेट में आए थे। प्रभावित क्षेत्र में वायर क्रेट लगवाने, सड़क के स्कपर साफ करवाने और अस्थाई विस्थापन का आश्वासन दिया गया है। एडीएम के नेतृत्व में अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया है। प्रशासन की ओर से भू-धंसाव क्षेत्र के ट्रीटमेंट पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
- स्वाति एस भदौरिया, डीएम चमोली।
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वायरल हो रहा वीडियो
28 जून को पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी के साथ आपदा प्रभावित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान जिलाधिकारी व आपदा प्रभावितों के बीच हुई वार्ता सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया एक आपदा प्रभावित महिला को गुस्से में चुप रहने के लिए कह रही हैं। इसी बात को लेकर भी आपदा प्रभावितों में गुस्सा है। इधर, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि 70 से अधिक लोग धक्कामुक्की कर कलक्ट्रेट में पहुंचे थे। किसी भी आपदा प्रभावित के साथ आपत्तिजनक तरीके से बात नहीं की गई। एक महिला जब लगातार अपनी बात सामने रख रही थीं तो उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया।