संपन्नता की ओर नौ माह से चली आ रही यात्रा, सोमवार को मूल स्थान पर विराजमान होगी देवी
गोपेश्वर। उर्गम के भरकी गांव की कालिंका देवी की नौ माह से चली आ रही रथ यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। शनिवार को देवी ने ध्याणी भत्ता दिया और ध्याणियों को विदाई दी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ देवी सोमवार को अपने मूल स्थान पर विराजमान हो जाएगी। भरकी गांव में कालिंका देवी की रथ यात्रा भ्रमण के बाद कुछ दिन पहले गांव में लौटी। इसके बाद से गांव में परंपरा के अनुसार अनुष्ठान किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि नौ माह में एक हजार किमी से अधिक की यात्रा की गई। जिसमें 250 से अधिक गांवों और कई तोकों में गए। जहां-जहां ध्याणियों ने देवी को सुप्पा अर्घ्य व भत्ता दिया उनको यहां बुलाया गया। शनिवार को पूजा अर्चना के बाद देवी बाहर आई और नृत्य किया उसके बाद घोड़ित नृत्य हुआ, पंचनाम देवता अवतरित हुए। उसके बाद देवी ध्याणी भत्ता में गई, देवी ने ध्याणियों को आशीर्वाद दिया और फिर ध्याणियों को भोग दिया गया। इस दौरान उर्गम घंटाकर्ण के प्रतिनिधि भी आए हुए थे। शनिवार के कार्यक्रम में ग्वाड़, देवर, पेनी, सेलंग, चाई, ज्योतिर्मठ सहित विभिन्न गांवों से लोग आए हुए थे। देर शाम को मुखौटा नृत्या शुरू हुआ, एक-एक करके हर मुखौटे को विदाई दी गई। रविवार को भी अनुष्ठान होगा और सोमवार को पूजा अर्चना के साथ देवी अपने मूल स्थान पर विराजमान हो जाएगी। इस दौरान विधायक लखपत बुटोला, ज्योतिर्मठ नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, ग्राम प्रधान भरकी चंद्र मोहन सिंह, रघुवीर सिंह चौहान, मंजू देवी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।