गोपेश्वर/पीपलकोटी/रुद्रप्रयाग। रामनवमी पर्व पर बृहस्पतिवार को सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई जगहों पर कन्याओं को जिमाया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को उपहार भी भेंट किए। इसके बाद प्रसाद स्वरूप हरियाली भी बांटी गई।
नंदप्रयाग के चंडिका मंदिर और घुड़साल के इंद्रामति मंदिर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी ने बताया कि चंडिका मंदिर में नवरात्र पाठ के समापन पर आचार्य पंडित लक्ष्मी प्रसाद साती और सुबोध सती ने मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान किए। इस मौके पर डॉ. जगदीश वैष्णव, तेजवीर कंडेरी, कुलदीप रौतेला, वसंत कठैत, चंडी रौतेला, सूरज सिंह, सुनील रावत आदि मौजूद रहे।
रुद्रप्रयाग जिले में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया तो दूसरी ओर देवी मंदिरों और घरों में कन्या पूजन किया गया। कालीमठ स्थित मां काली, गुप्तकाशी स्थित मां ललिता देवी, मां हरियाली देवी, मठियाणा देवी, कुष्मांडा देवी, इंद्रेश्वरी देवी आदि स्थलों पर अनुष्ठान हुए। कन्याओं को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी गई। इसी के साथ श्रद्धालुओं ने व्रत का उद्यापन हुआ।
मां भगवती की मूर्ति की हुई प्राण प्रतिष्ठा
आदिबदरी/नारायणबगड़। तहसील के नगली गांव में नव निर्मित मंदिर में मां भगवती की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। ग्राम प्रधान नवीन बहुगुणा ने बताया कि नवनिर्मित मां भगवती के मंदिर का निर्माण 18 मार्च को संपन्न हुआ था। 19 मार्च से नवरात्र पूजा शुरू हुई और समापन पर देवताओं के पश्वाओं ने ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। इस अवसर पर आचार्य विजया नंद खंडूड़ी, बिजेंद्र कठैत, प्रकाश कठैत, जानकी नवानी आदि मौजूद रहे। वहीं नारायणबगड़ में भी कन्या पूजन किया गया। क्षेत्र के कोठुली, कफारतीर, रैंस, चलियापानी, जाख कडा़कोट, काण्डा ,पालछूनी ,डुंग्री आदि गांवों में हरियाली तथा प्रसाद वितरण के साथ नवरात्र का समापन हुआ। संवाद