आपदा के जख्मों को पीछे छोड़कर इस बार बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा ने रफ्तार पकड़ी है। संपूर्ण यात्राकाल में धाम में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल रही। अब आगामी वर्ष धाम में रिकार्ड तीर्थयात्रियों के उमड़ने की उम्मीद जगी है।
बदरीनाथ धाम के कपाट 11 मई को खुले थे। शुरुआत से ही तीर्थयात्रियों की धाम में चहल-पहल बनी रही। 22 जून को बदरीनाथ हाईवे के लामबगड़ गदेरे में बादल फटने से यात्रा में गिरावट आ गई जिससे हाईवे भी बार-बार बाधित होता रहा।
इस दौरान 400 से 500 तीर्थयात्री ही बदरीनाथ धाम पहुंच रहे थे। जुलाई माह में भी भारी बारिश से यात्रा बाधित होती रही लेकिन सैकड़ों मील दूर से संकल्प लेकर तीर्थयात्री लामबगड़ गांव से होते हुए पैदल ही बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे।
अगस्त माह से धाम की दूसरे चरण की तीर्थयात्रा हैरान करने वाली थी। अकेले सितंबर माह में ही धाम में 12800 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे। सितंबर माह में भी तीर्थयात्रियों की खूब चहल-पहल रही। पितृ पक्ष होने के कारण धाम में प्रत्येक दिन चार से पांच हजार तक तीर्थयात्री पहुंचे, जिससे बीकेटीसी के साथ ही व्यवसायियों को भी लाभ पहुंचा।
बीकेटीसी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि आपदा का अब कोई खौफ नहीं है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में आगामी वर्ष से तीर्थयात्रा के पूर्व की भांति उमड़ने की उम्मीद है।
पांच साल में बदरीनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या
वर्ष तीर्थयात्री
2012 10 लाख 42 हजार 215
2013 4 लाख 91 हजार 999
2014 1 लाख 80 हजार
2015 3 लाख 59 हजार 146
2016 5 लाख 57 हजार 482 (10 अक्तूबर तक)
केदारनाथ धाम में भी बढ़ी तीर्थयात्रियों की संख्या
इस वर्ष केदारनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2013 में केदारनाथ त्रासदी के बाद केदारनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आने की संभावना बनी थी, लेकिन तीर्थयात्रियों की केदार बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा रही।
केदारनाथ धाम में बीते वर्ष 1,54430 तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शनों को पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष 10 अक्तूबर तक केदारनाथ में 2,95747 तीर्थयात्री पहुंचे। आपदा के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग कई जगहों पर बेहद तकलीफदेह बन गया है, बावजूद इसके श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं है।