नारायणबगड़। गिरिजा भवानी मंदिर चोपता चौंरी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने को श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा व्यास आचार्य दिनेश सती ने श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि जब धर्म की हानि होती है तब भगवान स्वयं अवतार लेते हैं। द्वापरयुग में जब कंस के अत्याचार से जनता त्रस्त थी तो भगवान अपनी 16 कलाओं के साथ प्रकट हुए व उन्होंने नामकरण संस्कार से पहले कई राक्षसों का वध कर सभी के संकटों का निवारण किया। मौके पर मंदिर समिति अध्यक्ष अवतार सिंह, पृथ्वी सिंह, स्वरूप सिंह, दलवीर सिंह, सुरेंद्र कनेरी, लक्ष्मी प्रसाद, मन्नू सिनवाल, अवतार सिंह, मोहन सिंह, दिगपाल रावत, योगेश्वर प्रसाद, अवतार कनेरी आदि थे। संवाद