कर्णप्रयाग। चमोली जिले के जिलासू में सुरभि शोध संस्थान के तत्वाधान में हो रही रामकथा के आठवें दिन कथा वाचक संत मोरारी बापू ने जटायु संवाद और युद्ध का वर्णन किया।उन्होंने बताया कि हर एक व्यक्ति में एक विशेष गुण होता है। जिसे अपने जीवन में उपयोग करना चाहिए। जैसे गिद्ध में बहुत दूर तक देखने का गुण होता है। जिस प्रकार गिद्ध की ऊंची उड़ान भरने के बाद भी धरती पर शूक्ष्म चीजों को देख सकता है उसी प्रकार यह संसार भी है। जो लोग ऊंची उड़ान भरते हैं वे नीचे वाले लोगों को नहीं देखते हैं। मनुष्य को जीवन में अपनी सामर्थ्य का हमेशा सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनने के लिए कर्णप्रयाग, लंगासू, उमट्टा, कालेश्वर, सिरोली, बेडाणू सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग पहुंचे थे। संवाद