किसानसभा व सीटू की संयुक्त बैठक में उत्तराखंड के जल, जंगल व जमीन पर बड़ी कंपनियों का कब्जा होने व सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण करने पर रोष जताया गया। साथ ही कृषि कानून वापस लेने व विद्युत संशोधन अधिनियम 2020 रद्द करने की मांग की गई। साथ ही पेट्रोल, डीजल, कुकिंग गैस, तेल के दामों में की गई वृद्धि वापस लेने, टोल प्लाजा को खत्म करने, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाताओं का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने, सरकारी विभाग व सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण बंद करने की मांग भी की गई। बैठक में हेमचंद्र मिश्रा, देवराम वर्मा, पान सिंह, खड़क सिंह, बलवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, पदम राम और बलवीर सिंह मौजूद थे। संवाद