देवाल। पर्यटन स्थल रूपकुंड को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ को ज्ञापन भेजा। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वेदनी-रूपकुंड ट्रैक पर हर साल देश-विदेश के पर्यटकों के आने से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता था। लोगों ने इस ट्रैक पर बैंक से ऋण लेकर होम स्टे व लॉज बनाए लेकिन वर्ष 2018 में हाईकोर्ट की ओर से बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक के आदेश के बाद सैकड़ों लोगों का रोजगार ठप हो गया। अब लोग बैंक ऋण का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाण-दीदिना-बगुवावासा-रूपकुंड ट्रैक के आसपास कई स्थान ऐसे हैं जो बुग्यालों की श्रेणी में नहीं आते हैं। यहां रात्रि विश्राम हो सकता है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व डिप्टी रेंजर त्रिलोक बिष्ट, रूपकुंड पर्यटक विकास समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, लोहाजंग व्यापार संघ अध्यक्ष प्रद्युमन सिंह, प्रधान आनंद सिंह, गमोती देवी, पुष्पा देवी, हुकम बिष्ट और भुवन बिष्ट आदि शामिल थे। संवाद